Thursday, July 30, 2009

।।ऐ मोहब्बत् मै बेवफा तो नहीं।।

ऐ मोहब्बत् मै बेवफा तो नहीं तुम मुझसे खफा हो ये मेरी खता तो नही तुमने मुझे रुसवा किया ये मेरी किस्मत् तो नही क्यों मुझसे दुर हो ये मेरी चाहत तो नही।।

तेरे बारे मैं जानता तो नही था प्रेमी मै इतना बुरा तो नही था क्यो मुझसे मिलने से डरती हो तुम सच बता तू बेवफा तो नही।।

ना सपनो मे देखा था,ना ख्यालो मे देखा था एक लाखो मे मैंने तुम्हे हि देखा था जख्म् देने वाले तो मिलते है बहुत मगर जख्म् भरने वालो मे मैंने तुम्हे देखा था।।

आंखों मे अपने आँसु छुपा ना पाया इक लम्हा तुम्हे भुला ना पाया बस इस ख्याल से ही, कि उनको दर्द ना हो दिल हाले गम् सुना भी ना पाया ऐ मोहब्बत् मै बेवफा तो नहीं।।।

6 comments:

  1. Behad sundar!

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  2. नमस्कार मिथलेश जी क्या बात है मित्र बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति है भावो को जिस तरह से आप ने एक लड़ी मेंमें पिरोया है बेहतरीन है ये लायने डील को छू ती है
    बस इस ख्याल से ही, कि उनको दर्द ना हो दिल हाले गम् सुना भी ना पाया ऐ मोहब्बत् मै बेवफा तो नहीं।।।
    मेरी बधाई स्वीकार करे
    सादर
    प्रवीण पथिक
    ९९७१९६९०८४

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  3. Ap to bahut pyara likhte hain.

    Happy Friendship day.....!! !!!!

    पाखी के ब्लॉग पर इस बार देखें महाकालेश्वर, उज्जैन में पाखी !!

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  4. dil sew likhi gayi prem se paripoorn rachna...

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