Monday, August 3, 2009

" आंतकी, मुस्लिम होने के फायदे"

जी हाँ बिल्कुल सही सुना आपने, आंतकी मुस्लिम होते है तो उसके भी कई फयदे है। अब आप कहेंगे की ऐ कैसे हो सकता है, अरे जनाब आप अगर मुसलमान हैं तो आप को गैर मुस्लिम देश मे मु्सलमान होने के बहुत फायदे मिलेगें। जी हाँ ये बात शतप्रतिशत सही है। इसके ताजे उदाहरण के लिए आपको कहीं दुर जाने की भी जरुरत नही है, इसका ताजातरीन उदाहरण हमारे देश यानी अपने भारत देश मे ही मिल जायेगा। अभी हाल ही मे खबर आयी देश के आर्थिक राजधानी से यानी मुबंई से जहाँ एक मुसलमान बन्धु को सिर्फ इसलिए घर नही मिला क्यों की वे एक मुसलमान है। जी हां बात बिल्कुल सही है, बालीवुड के अभिनेता इमरान हाशमी का कहना है कि उन्हे मुसलमान होने की वजह से पाली हिल मे घर नही मिला। अब तो आप समझ ही गये होगें, जनाब समाचार पत्र या टिवी पे समाचार हो हर जगह इसी बात की चर्चा है क्यों की वह मुसलमान था। घटनायें तो ऐसी बहुत हुई होगीं लेकिन वह आपको या हमे इसलिए नही पता चला होगा क्यों की वे सब हिन्दु होगें। ये बात आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। इमरान हाशमी का कहना है की उन्हे मुसलमान होने की वजह से घर नही मिला, और उनका कहना है कि इसको लेकर उनके और घर के मालिक के साथ समझौता हुआ है, वहीं घर के मालिक का कहना है कि ऐसा कोई भी समझौता नही हुआ है, और उनका ये भी कहना है की उनके और इमरान के बिच घर बेचने को लेकर कोई बात ही नही हुयी है। तो भाई ये रहा मुसलमान के आंतकी होने के फयदे, अगर आप मुसलमान हो और आप गैर मुसलमान देश (मुस्लिम देश मे नही, वहां कोई नही सुनेगा) मे हो तो आप इसका भरपुर फयदा उठा सकते हो, अगर आप का कोई ऐसा काम जो नही हो रहा हो या उसके बिच कोई कानूनी अङचन आ रही हो तो तुरन्त आप कहे की आप मुसलमान हो इसलिए आपका काम नही हो रहा, फिर क्या जनाब फिर देखिये आप अपना कमाल अगले दिन आप समाचार के मुख्य पृष्ठ पे होगें और आपको जानने वालो की संख्या भी बढ जायेगीं।

11 comments:

  1. watch peace tv urdu daily at 10:00 pm and visit my blog daily for purify your thoughts
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  2. कश्मीर से लाखों हिन्दू अपने घर से बेघर कर दिए गए लेकिन उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं क्योंकि वे हिन्दू हैं. एक साहब को मुंबई में अपनी पसंद का घर खरीदने को नहीं मिला तो मीडिया और महेश भट्ट नाम के एक "मानवाधिकारवादी" बुक्का फाड़ के रो रहे हैं जबकि घर का मालिक ही कह रहा है की उसका घर बिकाऊ नहीं है. अच्छी जबरदस्ती है.

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  3. मैं आपकी बातों से काफी हद सहमत होते हुए भी, थोड़ा असहमत हूं,कि यहां कुछ तकनीकी बातें सामने आ जाती हैं, मसलन कुछ लोग ऐसे होते हैं तो इस आधार पर हम सभी को ऐसा नहीं मान सकते

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  4. मैं आपकी बातों से काफी हद सहमत होते हुए भी, थोड़ा असहमत हूं,कि यहां कुछ तकनीकी बातें सामने आ जाती हैं, मसलन कुछ लोग ऐसे होते हैं तो इस आधार पर हम सभी को ऐसा नहीं मान सकते

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  5. दुबे जी स्वच्छ सन्देश मार्का साबुन आप भी खरीद लो. सलीम परेशान है, माल बिक नहीं रहा और कंपनी के शेयर लुढ़के जा रहे हैं.

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  6. शायद कुछ आतंकी मुस्लिम निकले हों ...पर हर मुस्लिम आतंकी नही होता ..आतंक का केवल 'आतंक 'ही धर्म होता है ...और जो ( महाराष्ट्र ) में पकड़े गए , मुंबई ब्लास्ट के पहले ...वो तो आर्मी के 'हिंदू 'अफसर थे ..! उन्हीँ पे जब केस चला ,तो नरेंद्र ,करकरेके लिए कहा था ,' वो अच्छा हिंदू नही है "..जबकि ,एक अच्छा ,जिम्मेदार अफसर होना ज़रूरी होता है ,नाकि हिंदू या मुस्लिम ..और जब करकरे शहीद हो गया तो जनाब मोदी , उसकी विधवा पत्नी के पास धनराशी लेके गए ...अब वो 'उस सीमा 'पार वालों से मारा गया था ...तो 'अच्छा हिंदू ' साबित हो गया था ...इसे कहते हैं ,कफ़न पर भी मुनाफा हासिल करना ...!

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  7. मिथिलेश,
    हो सकता है तुम्हारी बाते शत-प्रतिशत सत्य न हो हो लेकिन इनमें सच्चाई है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है, आज कल वैसे भी एंटी-हिन्दू बनना फैशन बन गया है, प्रगतिशील भी उसी को मन जाता है जो हिन्दुओं के विरोध में बोले, और जब ऐसी लहर चली है तो कुछ अल्पसंख्यक भी इस इमोशन को भुनाने से पीछे नहीं रहते.....और फिर मिडिया भी तो ऐसे ही मसालों कि ताक में रहता है...भारत में अगर किसी हिन्दू के साथ अन्याय हो तो उसके लिए न तो न्यायपालिका के पास वक्त है न ही इन मोर्चा वालों के पास समय लेकिन किसी भी अल्पसंख्यक को तकलीफ हुई तो उसको सबकी तथस्तता मिल ही जाती है.....यही है भारत....अजीब सा गणतंत्र ....

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  8. बहुत बढ़िया लिखा है आपने! मैं आपकी बातों से सहमत हूँ! अब देखा जाए तो हिंदू मुस्लमान कि लडाई कभी न ख़त्म होने वाली बात है! चाहे वो कश्मीर में हुए अत्याचार हो या घर खरीदने का मामला हो! मालूम नहीं ये गुतती कब सुलझेगी और हम कब चैन से रह सकेंगे और सुकून की ज़िन्दगी जी सकेंगे!

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  9. भाई मै तो क्षमा जी चंदन और छोटी गली से सहमत हूँ हर मजहब मे हर कोई एक जैसा नहीं होता हर जगह अच्छी बुरे लोग हैं बस देखने वले की नज़र चाहिये फिर तो हम ये मान के चलें कि पंजाब मे हमरे हिन्दूयों को बसों से निकाल कर मारा था तो सरे सरदार आतन्कवादी हुये फिर बी जे पी क्यों उनका साथ दे रही है जब कि अन्दर से उनके हिन्दू भी खुश नहीं जब हम जानते हैं कि सब ने यहीं रहना है तो फिर ऐसी वैर भाव की बतो से उकसाना क्यों जोश मे होश भी साथ रहे तभी सही रहता है धर्म के नाम पर भावनाओं को मत भडकायें

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  10. सब चर्चा में बने रहने का खेल है.

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  11. बच्चु बहुत गाली खाओगे सच्ची बाते लिख रहे हो ना

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