तुझ पर,मै अपना सबकुछ न्योछावर करता हुं,
पर मै अपनी बहन पे तुझसे ज्यादा विश्वास करता हुं।
हो अगर खता कभी तू माफ करना मुझे और मेरी बहन को,
देना पङे यदि सजा, तो देना मुझे, बचा लेना मेरी बहन को।
मेरी बहन लाखो, करोणो मे नही , बल्की इस दुनियां मे सिर्फ मे एक है,
लग जाये उसको मेरी सारी उम्र, यदि इस वसुन्धँरा मे कोई नेक है।
धन्यवाद देता हूं तुझको, है उस पर मुझे नाज ,
हे गुङिया गर्व करेगा तुझ पर आने वाला पूरा समाज ।
मेरी बहन होने पर आपको धन्यवाद देता हुं
इस दुनियां की सारी खूशिया उपहार देता हुं
रहो सलामत, रहो चाहे जहां भगवान से बस यही दुआ करता हुं।
राखी पर्व की हार्दिक शुभकामनाये और बधाई
ReplyDeleteरक्षाबंधन पर शुभकामनाएँ! विश्व-भ्रातृत्व विजयी हो!
ReplyDeletepuri tarah se dub kar likhate ho bhaaee...........rakshaa banadhan par bahut sare shubhkamanaye
ReplyDeleteवाह मिथिलेश जी..रक्षा बंधन पर एक सुन्दर पोस्ट ...इस पर्व की हार्दिक शुभकामना
ReplyDeleteबहुत बढ़िया!
ReplyDeleteरक्षा बंधन के पावन पर्व की शुभकामनाऐं.
रक्षाबंधन पर आज पहली कोई कविता पढ़ी, जो पसंद आई..दिल भर आया...
ReplyDeleteरक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें! बहुत खूबसूरत रचना लिखा है आपने! बहुत अच्छा लगा!
ReplyDeletedubey ji aap ne mere blog par visit kiya aur tippani ki isake liye dhanywad.mera hausala kafi badha hai aap ki tippani se.
ReplyDeleteरक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें।
ReplyDeleteअच्छा लिखा है।
वाह , बहन के लिए दिल से निकलती सदाएँ , मिथलेश जी मेरे बेटे की उम्र के हैं आप , पढने के बाद दिल किया कि गा दें , नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी मुठ्ठी में क्या है ?
ReplyDeleteरक्षाबंधन पर शुभकामनाएँ!
ReplyDelete-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
वाह रक्षा बन्धन पर इतना सुन्दर उपहार क्या बात है भाई हो तो ऐसा बहुत बहुत बधाई सुन्दर रचना है आशीर्वाद्
ReplyDeleteवाह मिथिलेश जी..रक्षा बंधन पर एक सुन्दर पोस्ट
ReplyDeleteबहुत अच्छा लगा