Friday, September 18, 2009

"तुम्हारी बातें ही आईना थी "

तुम्हारी बातें ही आईना थी


जिंसमे देखता था तुमको मैं


टुकड़ो-टुकड़ो में मिलती थी खुशी


दिन में कई बार।।



उन दिनो यूं ही हम तुम


खुश हुआ करते थे


न तुमने मुझे देखा था और


न ही मैने तुमको


बना ली थी एक तस्विर


तुम्हारी उन बातो से


सजा लिए थे सपनें रातों में


तुम्हारी उन बातो से


महसुस करता था तुमको हर पल

कल्पंनाये न छोड़ती थी साथ


जिसपर बैठ कर तय करता था सफर मैं अपना।।



अच्छ लगता यूँ ही सब कुछ


सोचकर बाते तेरी मुस्कुराहट


उतर आती थी होठो पर


कितना हसीन था वो पल


वो साथ


जब बातें ही हमारी आवाज


हमारें जज्बात बयां करती थी।।



मै प्यार की गहराई तुम्हे समझाता


और प्यार की ऊंचाई


तुम चुपचाप ही सुनती रहती थी सब कुछ


यूं ही तब ये सिलसिला चलता रहता था


देर तक और फिर पूछता था


तुमसे न जाने कितने सवाल


तुम मुस्कुराकर ही टाल देती थी जवाब।।


मैं गुस्साता तो तुम समझाती

मैं रुठता तो तुम मनाती


पल आज फिर से याद आ रहा है


सोचकर बातें मैं

आज अकेले ही मुस्कुराता हूँ


तुमको याद करके।।

15 comments:

  1. मैं गुस्साता तो तुम समझाती

    मैं रुठता तो तुम मनाती


    पल आज फिर से याद आ रहा है


    सोचकर बातें मैं

    आज अकेले ही मुस्कुराता हूँ


    तुमको याद करके।।
    वाह बेटा क्या बात है बस ऐसे ही मुस्कुराते रहो। बहुत बहुत आशीर्वाद कि जल्दी ही इकठे मुस्कराओ याद कर कर के नहीं बधाई

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  2. ठीक है जी आइना देख कर मुश्कुराओ.... बढ़िया है

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  3. बढिया है |

    मुस्कुराते रहो , ये हमारी शुभ कामनाएं हैं |

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  4. बहुत सुंदर आप की कविता.
    धन्यवाद

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  5. यादों से काम नही चलता,
    मुझे तुमको ही पाना है..
    जल्दी वापस आ जाओ कि हमें,
    फिर से मुस्कुराना है...

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  6. यूं ही सहा मुस्कराते रहिए। हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  7. "bahut hi lajawab rachana ....sunder alfaz ka sahi mishran humne yahan dekha ..."

    ----- eksacchai {AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

    http://hindimasti4u.blogspot.com

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  8. वाह! इतनी कम उम्र में इतनी अर्थपूर्ण कविता....

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  9. बहुत ही ख़ूबसूरत और भावपूर्ण कविता लिखा है आपने जो काबिले तारीफ है!

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  10. कविता बहुत अच्छी है

    पर

    अभी से अकेले मुस्कुराना बन्द करो मियां
    [:)]

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  11. लाजवाब रचन ....... खूबसूरत कविता है ..............

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  12. बहुत सुंदर आप की कविता...

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  13. मुस्कराते हो..अविराम क्योंकि लगता नहीं मुस्कराने का टैक्स

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  14. mujhe kavita bahut achhi lagi..laga maine likhi hai...

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  15. ek pyar bhare dil se hi aisi rachna niklti hai. achchhi lagi. badhai.

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