Sunday, October 4, 2009

" ब्लोगिंग के खतरनाक वायरस जिससे डरते हैं ब्लोगर "

जी हाँ बिल्कुल सही सुना आप लोगो ने वायरस,वायरस,और वायरस जो की हमें और आपको बहुत परेशान करता है कभी-कभी । अब आप लोग कहेंगे कि ये वायरस ब्लोगिंग में कैसे और ब्लोगर भला क्यों डरने लगे। लेकिन भाई सच्चाई तो यही है कि ब्लोगर भी इससे डरते हैं और ब्लोगरो ने स्वीकार भी किया है। जैसा कि आप लोग जानते होंगे वायरस के बारे में कि ये हमारे कम्प्युटरवा को बड़ा नुकसान पहुचाता है। और हमारे सारे प्रोग्राम को भी खराब कर देता है, ये तो बात है उस वायरस की जिसे आप लोग जानते है। अब बात भाई है उस वायरस की जिससे ब्लोगर डरते हैं, अब आप लोग कहेंगे कि भला वायरस से क्यों डरे हम, हमारे पास तो उसको रोकने के लिए एटींवायरस है। ठीक है आप इस वायरस को भी रोकने के लिए एटींवायरस का प्रयोग कर सकते हो। लेकिन भईया इ जो वायरस है ना इ बहुत खतरनाक है।
ये ऐसा वायरस है जो कि हमारे कम्प्यूटर को कुछ नहीं करता कुछ भी नहीं, और ये वायरस बस ब्लोगरो को परेशान करता है। ये वायरस बड़ा खतरनाक होता है। इसे आप रोक तो लेंगे लेकिन ये आपके भेजे को हिला देगा और आपको मानसिक तौर पर भी परेशान कर देगा।
खैर छोड़िये इन बातो को बहुत हो चुका अब आपको बताता हूँ उस वायरस के बारे में जो कि ब्लोगरो को परेशान करता है। अब आप लोग सोच रहे होंगे कि मै आपको उस वायरस का नाम बताने वाला हूँ। अरे नहीं यही तो बात है उसका नाम भी ऐसा है कि जैसे बेनाम। अब बताता हूँ आप लोगो को कि उसका नाम क्यों नहीं है। होगा कैसे उसका तो नाम ही "बेनाम"(Anonymous) अब आपको कुछ याद आ रहा होगा, आ गया ना। हाँ सही समझे आप मैं बात कर रहा हूँ "बेनामी की" हाँ-हाँ वही जो बिना नाम के हमारे ब्लोग पर अनाप सनाब कह जाता है टिप्पणी स्वरुप। अब इस बेनामी वायरस से हमारे ब्लोगर बन्धु इतना डर गये है कि बस पुछिये मत।

इस बेनामी वायरस से बचने के लिए हमारे ब्लोगर बन्धुओं नें बहुत ही तगड़ा एंटीवायरस लगा रखा है। हुआ यूं कि मैं जब नया-नया ब्लोगर था तो एक दिन मैं एक महाशय के ब्लोग पर पहुचा टिप्पणी देने के लिए और मैंने टाइप की और फिर क्या मैने टिप्पणी पोस्ट कर दी लेकिन ये क्या मेरी टिप्पणी प्रकाशित नहीं हुयी मै परेशान हो गया फिर देखा कि ऊपर लिखा था "आपकी टिप्पणी ब्लोग स्वामी के स्वीकृति के बाद दिखने लगेगी" । फिर मैंने उनकी पुरानी पोस्टे देखीं और पाया कि वे बेचारे बेनामी टिप्पणी से बड़े परेशान थे। इस वायरस से कोई भी ब्लोगर अछुता ना होगा।

ये बात तो रही बेनामी की, अगर और देखा जाये तो इस प्रकार की सुरक्षा से बहुतो को बुरा भी लगता होगा। मेरा मतलब यह है कि क्या इस प्रकार के सुरक्षा मानक से सबको गुजारना अच्छा होगा क्या। बात समझ आती है कि आप बेनामी से परेशान है इसलिए इस प्रकार का मानक प्रयोग में ला रहे है। वहीं कुछ लोग इसका गलत उपयोग भी करते है जैसे कि उन्होने कोई रचना पोस्ट की जिसपर विवाद हो सकता है। जब उनके पास उस पोस्ट से जुड़ी टिप्पणी आती है तो वे बस उन्ही टिप्पणीयों को प्रकाशित करते है जो की उनके पक्ष में होते है।

अब बात यहाँ ये है कि क्या चन्द बेनामी टिप्पणीयो से बचने के लिए सब पर शक् किया जाना उचित होगा। मुझे तो नहीं लगता कि ये सही है । ब्लोग एक ऐसी जगह है जहाँ आप अपनी इच्छा स्वरुप लिख सकते है और पढ़ने वाले इच्छा स्वरुप टिप्पणी दे सकते है। तो फिर इस प्रकार डरने से क्या फायदा। अगर आप ने गलत लिखा है तो आपको गलत सुनने को मिलेगा और सही लिखा है तो सहीं। अगर आपको लगता है कि आपने सही लिखा है तो सुरक्षा क्यो ? सही लिखने पर यदि आपका विरोध होता है तो आप अपने तर्क से जवाब दीजिए। इस प्रकार बचने का क्या मतलब। ठिक है मैं मानता हूँ की अगर आप ऐसा नहीं करते तो आपको बेनामी से काफी कुछ सुनने को मिल सकता है। लेकिन जरा ध्यान दीजियेगा, उसके बातो का क्या बुरा मानना जिसमें नाम बताने तक की माद्दा ना हो तो ऐसे बुजदिलो से क्या डरना। इस तरह के सुरक्षा से सभी टिप्पणी देने वाले शक् के घेरे मे आते है।
अब मेरा मानना तो ये है कि इस तरह से हम कब तक डरते रहेंगे बेनामी वायरस से।

जिसका कोई अस्तित्व ही ना हो उससे किसलिए डरना। अब चन्द बेनामी वारयरस के चलते सभी ब्लोगरो को स्कैनिंग से गुजरना पड़े भला ये कहाँ का न्याय होगा।

24 comments:

  1. मेरा मानना है कि टिप्पणियों के लिए द्वार खुला रखना चाहिए, खासकर उनको तो जो पहेलियों का संलाचन करते हैं। बेनामी को भी बोलने दो। उसको भी चोरी छिपे खुश होने दो। अगर हिम्मत हो गई तो कभी सामने भी आएगा। नहीं तो गुमनाम की बकवास से कोई फर्क नहीं पड़ता। बेनामी उन बेचारों के लिए है, जो इंटरनेट पर पढ़ने आते हैं, लेकिन ईमेल खाते नहीं होते और अपने विचार रखना चाहते हैं, नीचे वो अपना नाम भी लिखकर जाते हैं।

    ReplyDelete
  2. बहुत अच्छा विषय उठाया है आपने और बहुत अच्छे ढ़ंग से अपनी बात भी रखी है.

    ReplyDelete
  3. एक संवेदनशील विषय।

    लेकिन बेनामी टिप्पणी के द्वार बंद कर उन पाठकों को रोका जाएगा जो ब्लॉगर नहीं हैं किन्तु अपने विचार/ सुझाव/ सराहना से अवगत कराना चाहते हैं।

    फिर हम ही कहेंगे कि पाठक आते ही नहीं ब्लॉगरों के अलावा।

    बेनामी टिप्पणी आई भी तो वह तब तक बेनामी रहती है जब तक उस पर कोई प्रतिकिया ना हो।

    मेरा व्यक्तिगत मत है कि किसी संभावना से बचने के लिए मॉडरेशन उचित है।

    बी एस पाबला

    ReplyDelete
  4. her baar ki tarah is baar bhi bahut hi acche visay ke saath aap aaye hai ...aapke is sunder visay ko aur aapke prastutikaran ko salam .."

    " badhai ho "

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

    http://hindimasti4u.blogspot.com

    ReplyDelete
  5. विचारो से सहमत...

    आभार......

    ReplyDelete
  6. ek mudda par likhi hai ......yah bahut hi achchhi bat hai ......kafi balance yani tatsth dang se likhi hai lekh ........kabile tarf hai ......waise mai kulwant jee se sahamat hu....

    ReplyDelete
  7. baat sirf achhi buri tippaniyon ki nahi hoti,kuch bhi abhadra likh dena uchit nahi hota aur kai baar hum ol nahi ho pate to us tippani ko kai log padhte hain , jo achha nahi lagta .....
    isme apman ki bhi baat nahi hai

    ReplyDelete
  8. टके की बात सटीक है पर ऐसे वायरसों की डरने की जरुरत नहीं है मित्र

    ReplyDelete
  9. अपनी अपनी हिम्मत की बात है । कोई इरादतन परेशान करे तो मुश्किल हो जाती है ।

    ReplyDelete
  10. ACHAA VISHAY SAAMNE LAAYE HAIN AAP ... SUNDAR LIKHA HAI AAPNE ... MUJHE BHI LAGTA HAI TIPPANIYON KA DWAR KHULA RAKHNA CHAHIYE ...

    ReplyDelete
  11. सहमत हूँ आपसे। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए

    ReplyDelete
  12. बढ़िया चर्चा रही बेनामियो पर ।

    ReplyDelete
  13. दुबे जी, आप ये क्यों भूल जाते है कि हमारे इस समाज में बहुत सी बुराइयां है, जिसकी वजह से कुछ नाजायज यतीम बच्चे अक्सर रोज कूड़े कचरे के ढेरो के पास मिल जाते है ! वो बेचारे किस नाम से टिपण्णी लिखेंगे, आप खुद ही सोचो ? और उनको भी इस देश के संविधान ने पूरा हक़ दे रखा है कूडा कचरा फेंकने का !

    ReplyDelete
  14. यदि बेनामी टिप्पणी से इतना ही डर लगा रहा है तो ... बिना मोडरेशन के आप बेनामी टिप्पणी के आप्शन को ही हटा दो | बात ख़तम .,.. काहे का इत्ता बड़ा बड़ा सा पोस्ट लिख रहे हो इसपे ... TRP का चक्कर लगता है ...

    ReplyDelete
  15. बात सटीक और मुद्दा सही उठाया है आपने .

    ReplyDelete
  16. बात तो सही है जी।

    ReplyDelete
  17. बात सही है पूरी तरह से । ब्लागर भाई ने यहां पढ़ लिया अब आगे यही उम्मीद होनी चाहिए कि इस तरह के वायरस के अपनी सुरक्षा ना करें । ब्लागर जनहित में यह फायदेमंद होगा ।

    ReplyDelete
  18. bahut benamo ko apni haqikat se dar lagta hai .
    par achchhe buro ke sath hi to blogging ka safar chalta hai.
    nice post

    ReplyDelete
  19. बहुत सही अभी एक से उलझ रहा हूं

    ReplyDelete
  20. main Kulawant happy kee baat se sahamat hoon bahut acchaa aalekh hai badhai aasheervaad

    ReplyDelete
  21. सहमत हूँ आपसे। ये तो सरासर गलत है

    ReplyDelete

आपकी राय हमारे लिये महत्तवपूर्ण है । अपनी बात को बेबाकी से कहें ।