Saturday, October 10, 2009

"पत्रिका में प्रकाशन हेतू रचनायेँ भेजे"

विकलांगता एक अभिशाप यह धारणा समाज में बहुप्रचारित है , कहीं इसे पुर्नजन्म के कर्मों से जोड़कर देखा जाता है तो कहीं पाप और पुण्य से जोड़कर । परन्तु यह अवधारणा समाज में धीरे धीरे बदली है । शिक्षा का प्रभाव अपना असर दिखा रहा है । ऐसे में हमारा कर्तव्य हो जाता है कि हम ऐसे लोगों की मदद कर इसने जीवन को सही दिशा में लाने का प्रयास करें ।

दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में विकलांगता दिवस मनाया जाता है । जागरूकता फैलाकर समाज में विकलांग व्यक्ति को मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश की जाती है । लोगों की भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की जाती है ।

ऐसे में आप भी अपनी सहभागिता देकर इस प्रकार के कार्य को सही दिशा दे सकते हैं । आप अपने
विचार , लेख , आलेख , कविता , गीत ( जो विकलांगता पर केन्द्रित हो ) या भी अन्य विधाओं को भेज सकते हैं । इसके लिए ई-मेल पता है -hindisahityamanch@gmail.com . आपके आलेख , लेख , गीत , कविता या किसी भी विधा को समर्पण पत्रिका के " विकलांग विशेषांक" में प्रकाशित किया जायेगा ।

आपको यदि विकलांग व्यक्तियों की मदद के लिए किसी संस्था या फिर अन्य माध्यम के बारे में जानकारी हो तो हमसे जरूर संपर्क करें ।
आप हमें इन नम्बरो पर संर्पक भी कर सकते हैं, 09891584813, 09818837469
संचालक ( हिन्दी साहित्य मंच
)

18 comments:

  1. दुबे जी अच्छी जानकारी दी आपने आभार आपका

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  2. पंडित जी,
    आपकी बात पर काम करने की कोशिश की जाएगी।
    मगर इससे ज़रा हटके कह रहे हैं के मानसिक विकलांगता का प्रदर्शन तो ब्लॉगजगत में जम कर हो ही रहा है इन दिनों, हा हा । वहाँ से ही पका पकाया माल .... ख़ैर छोड़िए ये मज़ाक की बात तो है नहीं कि हँसा जाए। जानकारी के लिए शुक्रिया। विकलांगता को मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास सराहनीय है।

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  3. बहुत अच्छा प्रयास है । हम भी कोशिश करेंगें ।

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  4. bahut achcha .......... hum bhi bhejenge...........

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  5. अच्छी जानकारी के लिए शुक्रिया दुबे जी ,
    प्रयास करूंगा !

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  6. अच्छा विषय चुना है. इस प्रयास के लिए बधाई

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  7. बहुत अच्छा सार्थक प्रयास है । आपकी मेहनत सफल हो शुभकामनायें

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  8. बहुत ही अच्छा प्रयाश है

    सादर
    प्रवीण पथिक
    9971969084

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  9. is samvedenhin samaj main do boond aanson ki dekhi to accha laga....

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  10. bahut saarthak kadam uthaya hai....meri shubhkamnayen

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  11. अच्छी है आपकी जानकारी दुबे जी ..........

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  12. मिथिलेश जी ये बहुत सार्थक काम कर रहे हैं आप लगे रहिये जरूर कोशिश करेंगे इस मे योगदान दे सकेण्

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  13. ये भी एक अच्छा प्रयास है.....देखते हैं कि कुछ भेज सकें ।

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  14. बहुत बढिया प्रयास .. मैं भी कुछ सहयोग करने की कोशिश में हूं !!

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  15. भेजता हूं जी

    कोई अंतिम तिथि भी है क्‍या ?

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  16. बहुत अच्छा प्रयास है । हम भी कोशिश करेंगें ।

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  17. बहुत ही अच्छा प्रयाश है

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  18. sir.
    I have written blog on polio ridden wilma who won olympic , if u would like to publish u can . secondly if u need more i can send u

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