Monday, November 30, 2009

अजय झा जी आप हमें यूँ छोड़ के नहीं जा सकते , अलविदा ब्लोगिंग

अजय झा जी एक ऐसा नाम जो हिन्दी ब्लोग जगत में अपनी एक अलग पहचान रखता है । अजय झा जी ने हिन्दी ब्लोग जगत को बहुत कम समय वो दिया जिसे देनें में हमें शायद बहुत ज्यादा समय लग जाये । अभी-अभी कुछ देर पहले ही अजय झा जी का मेसेज आया मेरे मोबाईल पर कि "ब्लोगिंग को अलविदा कह रहा हूँ आप सब के स्नेह के लिए शुक्रिया " जैसे ही ये मैसेज मेरे मोबाईल पर आया मैं एक दम से हिल गया मैंने सोचा अरे ये कैसा मैसेज है ।

मैंने तुरन्त अजय जी को फोन लगाया , परन्तु उन्होनें कोई जवाब नहीं दिया और अपना मोबाईल भी बंद कर दिया । मैंने फिर कई बार कोशिश की परन्तु सारी कोशिश नाकाम रही । तब रहा नहीं गया और ये अन्त में ये पोस्ट लिखना पड़ रहा है । अजय जी हमें आप ऐसे छोड़ के नही जा सकते , अभी आपको बहुत कुछ देना है हिन्दी ब्लोगिंग जगत को । अभी आपको हिन्दी ब्लोगिंग को उसके सर्वश्रेठ सिमा तक पहुचाना है । आखिर ऐसा क्या हो गया कि आप ऐसा कदम उठाने को मजबूर हो गये । आप ऐसे कोई फैसले नहीं ले सकते , आखिर आप ऐसे ही बिना कुछ बताये कैसे जा सकता है । हमें आपकी जरुरत है अजय जी। अगर आपका किसी विवाद हुआ हैं तो आप उसे सार्वजनिक किजीए ताकी सच्चाई सबके सामने आये । और आप ऐसा कदम उठाते हैं तो हम भी आपका विरोध करेंगे । आपको ये फैसला जल्द से जल्द बदलना पड़ेगा । नहीं तो हम भी आपके साथ हो जायेंगे । और अन्त में आपसे निवेदन है कि आप अपना फैसला जल्द से जल्द बदलीये , और हमारे चेहरे पर खूशी लाईये । और अगर आप ऐसा नहीं करते तो आज ब्लोगिंग का ये मेरा भी लास्ट पोस्ट होगा , अलविदा।

45 comments:

  1. मुझे लगता है कि किसी से आपसे भद्दा मजाक किया है. अभी रात में ही तो उनका कमेंट आया था राजी खुशी.

    हम तो नहीं मानते इसे. आप भी मत मानना.

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  2. कुछ कारण नहीं बताया? ऐसे ही अचानक? शायद कभी हमारी तरह आहत हुए होंगे, हम तो ठहरे........गंवार..डटे रहे, अजय जी होंगे संवेदनशील तो शायद बर्दाश्त नहीं कर सके होंगे.
    आप उन्हें मनाइए कहीं उनके साथ आप जैसा उदीयमान ब्लोगर भी हाथ से न चला जाए????????

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  3. शायद समीर भाई का कहना सही है। अभी मैने कुछ देर पहले तक ओन लाइन देखा था, अगर ऐसी कोई बात होती तो कहते जरुर्।

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  4. अगर ये किसी का मजाक है तो बेहद घटिया मजाक है , और ऐसा करने वाले को कभी माफ नहीं करूंगा ।

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  5. " bahagavan kare ye mazak ho ..."

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

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  6. ये टंकी चढ़ने का रिहर्सल यहाँ भी शुरू हो लिया:) इस शोले फ़िल्म पर कितनी पीढ़ियाँ मचलेंगी जी? धरम पाजी तो इस एक सीन पर अमर हो गये। अब मनाने वाले जुटेंगे। हम तो जय के साथ बैठकर तमाशा देखेंगे। जब अध्याय पूरा हो जाय तो कोई मुझे बता देना।

    दर असल मेरा मानना है कि ब्लॉगिंग का कार्य स्वायत्तशासी है। किसी दूसरे से नाराज होकर कोई अपना काम बन्द कर दे तो इसे पलायन ही कहा जा सकता है। मुझे विश्वास है कि अजय झा पलायनवादी नहीं हैं।

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  7. मैं अभी अभी लौटा हूँ बाहर से। खबर पर विश्वास नहीं हो रहा। उन का फोन स्विच ऑफ है। सुबह बात करेंगे तब पता लगेगा माजरा क्या है। वैसे आप लोग निश्चिंत रहिए। अजय कहीं नहीं जाने वाले हैं। हाँ बहुत दिनों से घूमने फिरने नहीं गए हैं सो यात्रा पर जरूर जा सकते हैं। लौट कर आएंगे तो बहुत कुछ लिखने को होगा उन के पास।

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  8. किसी के कहने से ब्‍लागिंग छोडने का कया तुक ??
    अपनी इच्‍छा हो तो करेंगे .. इच्‍छा नहीं हो तो नहीं करेंगे .. और मुझे भी नहीं लगता .. कि अजय जी ब्‍लागिंग छोड सकते हैं !!

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  9. मिथिलेश भाई,
    ऐसा ही एसएमएस मुझे भी आया था...मैंने जवाब में Why लिख कर भेजा था...लेकिन फिर अजय भाई का कोई एसएमएस नहीं आया...मोबाइल की भी रिंगटोन जाती रही...लेकिन उन्होंने कॉल नहीं ली...मैं भी थोड़ी देर के लिए परेशान हुआ...फिर पाबला जी को फोन मिलाया...उन्होंने मुझे थोड़ा आश्वस्त किया...अजय भाई थोड़े दिनों तक किसी निजी प्रायोजन में व्यस्त रहने वाले हैं...वे बेहद सुलझे हुए और संवेदनशील इंसान हैं...कभी-कभी न चाहते हुए भी भावना में बह कर इंसान कुछ सख्त फैसले ले लेता है...लेकिन आप क्या समझते हो अजय जी को हम ऐसे ही छोड़ देंगे...वो नहीं माने तो सबसे पहले उनके घर के बाहर जाकर धरना देने वाला मैं हूंगा...अजय जी को एक ब्रेक की
    आवश्यकता है...उसे उन्हें खुशी-खुशी मनाना चाहिए...हमें भी उनकी भावना का सम्मान करना चाहिए...थोड़ा इंतज़ार कीजिए...सब ठीक हो जाएगा...

    और हां एक बात और, झा जी कहिन की जो लत उन्होंने हमें लगा दी है, वो अब छूटने वाली नहीं है...

    जय हिंद...

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  10. मैसेज मुझे भी मिला.. पहले फोन स्वीच ऑफ मिला, बाद में ऑन होने पर भी उन्होंने उठाया नहीं.. देखते हैं, आगे क्या होता है?

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  11. मैं भी परेशां हूँ..... यह मेसेज मेरे पास भी आया था..... मैंने फ़ौरन कॉल किया..... लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था .... मैं अभी भी परेशां हूँ....

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  12. हमें भी यही लगता है कि वाकई आपके साथ किसी ने मजाक किया होगा....

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  13. मुझे तो संदेशा भी नहीं मिला। बहुत नाइंसाफ़ी है। :)

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  14. कल मैँ जल्दी सो गया था...ऐसा होना तो नहीं चाहिए

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  15. यह संदेश कोई मज़ाक नहीं है और न ही इसकी पृष्ठभूमि में किसी ब्लॉगर की कोई भूमिका है।

    हालांकि ब्लॉगजगत के संदेश पाने, न पाने वालों ने उन्हें अपने कथनों से आहत होने के भरपूर मौके दिए, लेकिन उससे विचलित होने का स्वभाव अजय झा में, मैंने नहीं देखा।

    कारण इस बार भी पिछले जैसा ही कुछ है।

    हिंदी ब्लॉग जगत का दुबारा चेहरा न देखने की घोषणा करने वाले कई साथियों की पोस्ट व टिप्पणियां आज भी दिखती हैं। इसलिए उम्मीद करता हूँ कि अजय जी, इस माह होने वाले, दिल्ली से बाहर के अपने कई पारिवारिक कार्यक्रमों से लौटकर पुन: अपनी लेखनी का कमाल, इस निगोड़ी ब्लॉगिंग में दिखा पाएँगें।

    बी एस पाबला

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  16. यह ब्लॉग जगत भले ही आभासी है मगर यहाँ भी मानव संवेदना ,अनुभूतियों की जीवन्तता गुलजार है -बहुत से अवसर आते है ब्लागर की जिन्दगी में जब वह इसे अलविदा कह देना चाहता है -खुद मेरे मन में भी ऐसे विचार आते रहते हैं गाहे बगाहे ! कारण वही है संवेदनाओं का झंझावात -असंवाद के क्षण आदि आदि ! एक बात हम समझ लें हम अगर केवल निजी सुख साधनों के लिए यहाँ हैं तो मोहभंग होते रहेगें -मगर अगर कोई मकसद /सरोकार ढूंढ ले ,उत्तरदायित्व बोध से जुड़ जायं तभी हम यहाँ रुक सकेगें -नहीं तो तमाम लोग कोई ख़ास और तमाम आम कष्ट देते रहेगें और टंकी पर चढ़ते रहने को बाध्य होगें हम बार बार !
    यह कोई उपदेश है हम मन मजबूत कर खुद ही इसी फार्मूले पर चल रहे हैं नहीं तो क्या क्या सितम नहीं किये हैं जालिमों ने ! कोई एक अपने ने भी ! झा साहब उठिए अपने दायित्व को संभालिये -जो रिपोर्ट मिलती रही हैं आप एक नेक भले इंसान है और आपका परिवार भी -हमें ऐसे लोगों की यहाँ जरूरत है !
    अब रचना जी से ही कुछ सीखिए -इनकी जिजीविषा को देखिये -वे बार बार आती हैं इस्लिउये की उनका एक मकसद है !
    और उनका जज्बा मुझे पसंद है !

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  17. अब इतने लोग कह रहे हैं तो बात सही ही होगी :(
    हम अपने मोबाइल को चेक किए। बैटरी निकाल कर लगा कर चेक किए, सिम को बदल कर चेक किए, ट्रॉयल कर चेक किए कि कहीं IMEI (पता नहीं ऐसा ही कोई नम्बर होता है) के चक्कर में मोबाइल जाम तो नहीं हो गया ....लेकिन कोई ऐसा एस एम एस नहीं दिखा।
    झा जी खिलन्दड़ई किए हैं और कुच्छ नहीं। हमको विश्वास है ऐसा कुछ करना होगा तो हमें जरूर बताएँगे।
    टिप्पणी बटोरन गुरु हैं। कहीं आप को कोई ट्रिक बता कर जान बूझ कर ऐसा तो नहीं किए? मेरी वाली 17 वीं होने जा रही है। ..

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  18. @यह कोई उपदेश नहीं है !

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  19. हमें भी मैसेज नही आया, हमारे साथ नाइंसाफी हुई :)

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  20. रचना जी से ही कुछ सीखिए-उनका जज्बा मुझे पसंद है! क्रेज़ी किया रे!!यू टू अरविन्द!!!

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  21. भाई, मामला क्या है यह तो मुझे नहीं पता। किन्तु यदि ऐसा ही है तो झा जी को अपने फैसले पर अवश्य ही पुनर्विचार करना चाहिये।

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  22. ऐसा मैसेज मुझे भी मिला है
    फोन मैंने भी लगाया है
    पर अजय जी ने नहीं उठाया है
    मैं गोवा में हूं।

    मेरा विचार है
    अजय जी को किसी आतंकवादी ने दे दी होगी धमकी।
    इसलिए तो उनका फोन भी नहीं ले रहा है
    हिचकी।

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  23. पर वो आतंकवादी हो सकता है कौन
    बतलाएगा कौन
    जबकि उनका मोबाइल और वे
    दोनों हो गए हैं मौन।

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  24. आ रहे होगें चार लाइना लेकर..

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  25. @अनाम /अनामिका ,
    भई,जो सच है दिल का ,कहा जाना चाहिए !
    ब्रूटस बनने के अभिशाप पर भी ...
    अभी तक झा साहब क्यूं नहीं आये ? कैसा मर्द है यार यह ?

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  26. अजय जी बहुत संवेदनशील इंसान हैं. हो सकता है उनकी संवेदना ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया हो लेकिन मैन मिथिलेश जी की बात दोहराते हुए कहूँगा कि;

    "अजय जी हमें आप ऐसे छोड़ के नही जा सकते , अभी आपको बहुत कुछ देना है हिन्दी ब्लोगिंग जगत को । अभी आपको हिन्दी ब्लोगिंग को उसके सर्वश्रेठ सिमा तक पहुचाना है । आखिर ऐसा क्या हो गया कि आप ऐसा कदम उठाने को मजबूर हो गये । आप ऐसे कोई फैसले नहीं ले सकते , आखिर आप ऐसे ही बिना कुछ बताये कैसे जा सकता है । हमें आपकी जरुरत है अजय जी।"

    और मुझे पूरा विश्वास है कि अजय जी फिर से ब्लागिंग शुरू करेंगे. अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी निभाकर वापस आयेंगे.

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  27. बस इतना ही कहूँगा;
    वो जाने वाले हो सके तो लौट के आना......... !

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  28. अजय जी का अभी मुझसे परिचय प्रगाढ़ नही हुआ है इसलिये मुझे ऐसा कोई सन्देश नहीं आया । हो सकता है यह भावनाओं में बहकर लिया गया क्षणिक निर्णय हो ..और क्षणिक निर्णयों का जो हश्र होता है वही इसका भी होना है । यह हर कोई जानता है कि एक बार ब्लॉगरी के वायरस जिसके भीतर प्रवेश कर गये हों वह फिर कभी उनसे मुक्त नहीं हो सकता । कई बार टाइम मैनेज न कर पाने या जीवन का कोई ज़रूरी काम छूट जाने की वज़ह से हम ऐसा निर्णय ले लेते है लेकिन वह दौर निकल जाने के बाद फिर इस धारा से जुड़ जाते है । ऐसा होता आया है इस ब्लॉग जगत में और झा जी के मामले में भी ऐसा ही होगा ....। सब लोग मिल कर कहें...आमीन ।

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  29. अरे भाई कहीं फ़ोन चोरी तो नहीं हो गया . कल ही तो नया काम शुरू kiya था अजय ने

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  30. अगर इतनी आसानी से ब्लागिंग से पिंड छूट जाये तो उसका नाम ब्लागिंग ही नही है.

    उनका फ़ोन चोरी होकर किसी दिल जले ब्लागर के हाथ लग गया जो ऐसे SMS करके अपने दिल के गुबार निकाल रहा है.

    बस झाजी शाम तक चर्चा लेके आते ही होंगे. हम तो इंतजार करते हैं उनके ब्लाग पर बैठ कर.:)

    रामराम.

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  31. @ मिथिलेश दुबे जी,

    किसी के नितांत व्यक्तिगत निर्णय पर अपने निर्णय नहीं लिए जाते। आपने लिखा है कि आज ब्लोगिंग का ये मेरा भी लास्ट पोस्ट होगा। सो उम्मीद करता हूँ कि यह पोस्ट आज, 1 नवम्बर की लास्ट पोस्ट है, कल आपकी नई पोस्ट दिखेगी।

    मेरी शुभकामनाएँ।

    बी एस पाबला

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  32. यह क्यों ? एकदम नहीं, ऐसा न करें ।

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  33. दस मिनिट पहले अजय से मेरी बातचीत हुई. मैं ने उन से अनुरोध किया है कि भले ही वे कुछ कम सक्रिय हो जायें लेकिन चिट्ठाजगत से अलविदा न कहें.

    बातचीत काफी सौहार्द्रपूर्ण हुई.

    सस्नेह -- शास्त्री

    हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
    http://www.Sarathi.info

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  34. विश्वास तो नहीं होता कि छोड़कर चले जाएंगे।

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  35. शास्त्री जी की बात हो गई..ये अच्छा रहा!

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  36. शास्त्री जी बधाई

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  37. जाता कहां है दिवाने
    सब कुछ यहां है सनम
    बाकी की सारी अदाएं
    झूठी है तेरी कसम :)

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  38. मेरी आज अजय जी से बात हो गई है..... घबराने कि कोई बात नहीं है....

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  39. मुझे नहीं लगता की ये सच है बल्कि किसीने बहुत ही गन्दा मज़ाक किया है! आप इतमीनान से रहिये कुछ नहीं होगा!

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  40. ब्लॉगिंग भी एक सतत प्रक्रिया है .......... किसी के कहने से ब्लॉगिंग बंद करदें ऐसा नही होना चाहिए ...... झा जी और आप भी ऐसा ना करें ........ आप दोनो से ऐसा आग्रेह है ...........

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  41. मियां कहाँ जायेंगे???????



    हा हा हा हा हा हा हा हा हा !!
    मजेदार रोचक!!!

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  42. ब्लॉगिंग नशा है..इसके बिना जीना मुश्किल है। वो लौट आएंगे।

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