Thursday, July 30, 2009

।।ऐ मोहब्बत् मै बेवफा तो नहीं।।

ऐ मोहब्बत् मै बेवफा तो नहीं तुम मुझसे खफा हो ये मेरी खता तो नही तुमने मुझे रुसवा किया ये मेरी किस्मत् तो नही क्यों मुझसे दुर हो ये मेरी चाहत तो नही।।

तेरे बारे मैं जानता तो नही था प्रेमी मै इतना बुरा तो नही था क्यो मुझसे मिलने से डरती हो तुम सच बता तू बेवफा तो नही।।

ना सपनो मे देखा था,ना ख्यालो मे देखा था एक लाखो मे मैंने तुम्हे हि देखा था जख्म् देने वाले तो मिलते है बहुत मगर जख्म् भरने वालो मे मैंने तुम्हे देखा था।।

आंखों मे अपने आँसु छुपा ना पाया इक लम्हा तुम्हे भुला ना पाया बस इस ख्याल से ही, कि उनको दर्द ना हो दिल हाले गम् सुना भी ना पाया ऐ मोहब्बत् मै बेवफा तो नहीं।।।

Sunday, July 26, 2009

।।बीते लम्हे हमे याद आते हैं।।

बीते हुऐ पल की याद हमे सताती है
क्यो कि कुछ अच्छे तो कुछ बुरे
वक्त की आगोश मे लिए मुस्कुराती है।।

बीते हुऐ पल कभी लौट के नही आते
बीताये हुये पल कभी भुलाये नही जाते
ये पल और ये लम्हे हि, साथी है मेरे
क्यों कि ये वे पल है, जो कभी भुलाये नही जाते।।

गुजरे हुऐ पल हमे याद आते है
कुछ लम्हो से आँखो मे आशु आ जाते है
बीता हुआ पल बीत के भी हमारे साथ है
इस सुनि जिन्दगी की एक वही तो आश है ।।

कौन कहता है कि दुर है हमसे वे पल
हम अब भी उस पल के सहारे जिया करते है।
क्या हुआ जो चला गया वह पल
हम अब भी उस पल को यादो मे संजोया करते है।

।।बीते हुऐ पल की याद हमे सताती है।।





Sunday, July 19, 2009

।।ऐ मोहब्बत् अगर तु ना होती।।

।।ऐ मोहब्बत् अगर तु ना होती
तो मेरी जिन्दगी मे विरानिया ना होती
ना होता खुशियो का इन्तजार मुझे
क्यो कि मेरी जिन्दगी में उदासी ना होती।

ना होता तुझसे बिछङने का डर
क्यो किं मै तेरे इन्तजार मे ना होता
ना बहते मेरे आंखो से अश्क के धारे
अगर मुझे तेरे जाने का गम ना होता।
ऐसा भी क्या हुआ कि तुमने मुझे ठुकरा दिया
जब पुछा मैने तो तुमने मुझे बेवफा ठहरा दिया।

ऐ मोहब्बत अगर तु ना होती
शरारत ना होती, शिकायत ना होती
नैनो मे किसी की नजाकत ना होती
ना होती बेकारी ना होते हम तन्हा
किसी को चाहने की तमन्ना ना होती
दिल भी ना होता तन्हा ना रोता दिवानो सा
अपनी ये हालत ना होती
ऐ मोहब्बत् अगर तु ना होती।।