Friday, January 1, 2010

अलविदा कहता हूँ मैं

आज लहर है , तूफान है , बादल है , बारिश है , धूप है , छांव है पर तुम नहीं हो मैं क्यों कहूँ कुछ तुमसे बताओ ना ? जबकि चाहती हो अपना बनाना पर कह नहीं सकती जुबां से अपने ऐसा नहीं कि जानता नहीं हूँ फिर सुनना चाहता हूँ तुमसे और तुम हो कि क्यों कहोगी और मैं हूँ कि बिन सुने अनसुना हूँ तुम्हारी एक परिधि है , एक सीमा है , दीवार है यही कहती हो जानता हूँ ये बेबसी पर मुझे तरस क्यों आये भला ? मैं झुकूंगा और ही तुम से कहूँगा अपनी बातें महसूस करती हो तो खुद भी समझो , कितना कुछ बाकी है अभी जानने को शायद कुछ भी नहीं..... खुली किताब में से उड़ते पन्नों की तरह ही तो मैं हूँ तुम्हारे लिए प्यार को सीमाएं दी है तुमने मुझे दूर रखने के लिए ये पता है तुमको भी , मुझको भी आखिर खुश नहीं रहती हो पर करती चली आयी हो वही ..... जो हमेशा दर्द देता है तुमने ये किस्मत समझा है पर मैं क्या समझू बताना कभी , .....शायद कभी जान पाऊगा क्योंकि अब तो मिलना होगा कभी ........................वैसे अच्छा है किसी बहाने से ही याद आती रहोगी दर्द देती रहोगी

प्यार को परिभाषित न कर सकता हूँ और न ही जता पाया शायद न कभी बता पाऊगा , तुम आज भी जुदा हो कल भी जुदा रहोगी ही , झूठी कसमें खाने को भले ही कह दो पर मैं तो न कहूगा कुछ करने को , अलविदा कहता हूँ मैं तुमसे खुश हूँ ........ पूरा करो तुम रास्ता । जिंदगी का यह रूख मेरे लिये उजाड़ता है शायद तुमको संवारता है , और क्या कहना है कुछ भी नहीं ....... याद थी , याद हो और याद रहोगी ये वादा है , यही कोशिश है , यही चाहत है , यही प्यार है

19 comments:

  1. बड़ी शिद्दत से भाव अभिव्यक्त किये हैं.

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  2. अलविदा कह तो दिया है भाई....पर ये दिल अलविदा कैसे कहेगा..?
    दिल को छू गई ये रचना आपकी...

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  3. अरे वाह आज तो बड़े रोमाटिक मूड में हो भायी !

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  4. वाह मिथिलेश जी अब लग रहा है कि साल की शुरूआत खूबसूरत हो रही है , पुरानी बातों को भूल कर आगे बढना ही जिंदगी है , सुंदर बातें ॥

    इस नए साल पर आपको, आपके परिवार एवं ब्लोग परिवार के हर सदस्य को बहुत बहुत बधाई और शभकामनाएं । इश्वर करे इस वर्ष सबके सारे सपने पूरे हों और हमारा हिंदी ब्लोग जगत नई ऊंचाईयों को छुए ॥

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  5. बहुत सुंदर भाई...एक अलविदा हुआ तो दूसरा आ गया..यही रीति है इस संसार की..२०१० मंगलमय हो!!

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  6. आपको नव वर्ष 2010 की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  7. बढिया .. आपके और आपके परिवार के लिए भी नववर्ष मंगलमय हो !!

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  8. नये वर्ष की शुभकामनाओं सहित

    आपसे अपेक्षा है कि आप हिन्दी के प्रति अपना मोह नहीं त्यागेंगे और ब्लाग संसार में नित सार्थक लेखन के प्रति सचेत रहेंगे।

    अपने ब्लाग लेखन को विस्तार देने के साथ-साथ नये लोगों को भी ब्लाग लेखन के प्रति जागरूक कर हिन्दी सेवा में अपना योगदान दें।

    आपका लेखन हम सभी को और सार्थकता प्रदान करे, इसी आशा के साथ

    डा0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर

    जय-जय बुन्देलखण्ड

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  9. प्यार को अपनी ताकत बना लेना ही प्यार की जीत है. अच्छी पोस्ट है. भावपूर्ण रचना.
    नववर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!!

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  10. भावनाओं की इतनी सुन्दर अभिव्यक्ति ....सारा ध्यान इसी पर लगाये तो क्या बात हो ...!!

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  11. वाह दुबे जी जमे रहिये ....मस्त है आपका यह लेख

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  12. शुरूआत ही शानदार रही, पिया बाबरी....। बहुत ही बढ़िया।

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  13. बहुत खूब

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  14. बहुत ही सुन्‍दरता से व्‍यक्‍त किये गये भाव बेहतरीन, नववर्ष की शुभकामनायें ।

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  15. वाह क्या \बात है दुबे जी परिवर्तन ही प्रकर्ति है नवीनता नवयोवंता ही जीवन है
    सादर
    प्रवीण पथिक
    9971969084

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  16. सादर वन्दे
    सच में यही प्यार है.
    रत्नेश त्रिपाठी

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  17. हाँ यही प्यार है।

    गहरे अन्दर के भाव से लिखा है आपने.

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  18. दुबे जी,दिल के जज्बाद को अच्छा पिरोया है शब्दो मे आप ने । नव वर्ष मंगलमय हो ।हार्दिक शुभकामनाये ।

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  19. दिल को छूती है आपकी बात .......

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