Friday, January 22, 2010

मैंने जो किया वह सही है पर फिर भी अकेला हूँ क्यों ?-- (मिथिलेश दुबे)

कुछ भी सही लगता रहा न जाने क्यों गलत होते हुए भी ? हमेशा से एक तलाश अधूरी लिए दिल के कोने में कभी नहीं भटका अचानक ही कुछ ऐसा जिसकी मुझे जरूरत थी पर शायद उम्मीद तो कभी भी न थी । पहली मुलाकात की याद शायद ही कभी जेहन से उतर पाये । इन सब के बीच खुद इतना खुश हो जाना था जिसको किसी के सामने दिखाया और बताया न जा सकता है । हम किसी ट्रेन या बगीचे या फिर राह चलते न मिले थे हमको तो बस मिलना था इसलिए मिले थे । कहीं कोई जान पहचान न होते हुए भी अजनबी न थे । किस्मत ने टक्कर दी और मैं न जाने क्यों वो कर बैठा जिसको मैं कभी न कर सकता था । धीरे धीरे हम इतने पास पास हुए कि दूर होने का गम पल पल घुटन देता । कहते हैं कि ज्यादा प्यार हो तो फिर वहां पर कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर होने वाला है ।

मिलाने से लेकर बिखराब तक का सफर तय कर लेने के बाद भी आज जब सोचता हूँ मैं सब बातों को तो न जाने एक विश्वास अब भी कायम सा लगता है जो कि है ही नहीं । मुझे लगता रहा है कि मैंने जो किया वह सही है पर फिर भी अकेला हूँ क्यों ? शायद इसका जवाब मेरे पास नहीं है और न कभी होगा । इंसान अपनी हार पराजय को बहुत ही मुश्किल से स्वीकार करता है और मैं उनमें से हूँ जो हार कर भी न जाने जीत का एहसास पाता है । दूर रहने से कोई रिश्ता कमजोर नहीं होता बल्कि और मजबूत ही होता लगा मुझे । लड़ाई करके किसी को भूलना हो ही नहीं सकता बल्कि और भी पास आ जाते हैं । गिले शिकवे जरूर होते हैं पर प्यार और भी ज्यादा । ये सब समझाना चाहता था मैं पर कभी सफल नहीं हो पाया हूँ मैं न जाने क्यों या फिर वो समझना ही न चाहते हो । जो भी है आज मेरे पास शुकून और दुख दोनों देता है ।

25 comments:

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  2. जब आदमी के अंतरात्मा से एक आवाज़ सी आए की वह सही है..तो निश्चित रूप से वो सही होता है..और अकेला तो इस दुनिया में सब है मेला तो बस दिखावा है..आप आगे बढ़े एक विश्वास के साथ आप की चाहत सभी को खींच लाएगी..भावनाएँ अच्छी लगी..धन्यवाद मिथिलेश भाई

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  3. दुबे जी, सच्चा आदमी गलती कर सकता है। उसे सुधार कर आगे बढ़ सकता है। लेकिन झूठा आदमी तो केवल गलतियाँ ही करेगा हमेशा। इस लिए सचाई का साथ रखिए। सब सही होगा।

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  4. तुम्हारी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है। क्या खत्री अलबेला जी को भेजे हँसाने के लिए। मेरे आज के लेख की अंतिम पंक्ति पढ़ लेना पूरा मत पढ़ना यार।

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  5. द्विवेदी जी की बात एकदम ठीक है..सच्चाई का साथ दो सब अच्छा होगा

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  6. द्विवेदी जी नें सही राह दिखाई है.

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  7. मिलन-विछोह, सुख-दुःख तो जीवन में लगा रहता है. वे खुशकिस्मत होते हैं जो अपनी भावनाओं को शब्दों में अभिव्यक्त कर सकते हैं और आप उन खुश्किस्मत लोगों में से एक हैं. अपनी इस ऊर्जा को बनाये रखिये. प्यार चाहे दो पल के लिये ही क्यों न किया गया हो, हमेशा ही एक अनिवर्चनीय अनुभूति से भर देता है, यह सुख है, दुःख है, मीठा है, तीखा है जैसा भी है वर्णनातीत होता है और प्यार करने वाले को एक ऊर्जा से भर देता है. वो साथ है या नहीं, उसके प्यार को आपने अपनी शक्ति बना लिया. यही सच्चाई है.

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  8. द्विवेदी जी से सहमत

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  9. Baat adhoori rah gayi shayad.. main kuchh kuchh samajh raha hoon kuchh kuchh nahin... ishara kahin aur to nahin???
    Jai Hind...

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  10. मनोभाव समख में आ रहे हैं. सच्चाई का साथ देते चलो, सच्चे मन की सुनो. सब ठीक होगा.

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  11. प्यार और स्नेह सच्चा हो तो दूर रह कर भी ताकत ही बनता है ...!!

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  12. akela wahi hota hai shuru me jo sachcha hota hai, aakhir me kai kadam saath hote hain

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  13. मिथिलेश, तुम्हारी पोस्ट पढ़ कर कुछ-कुछ अंदाजा लगा कि ..किसी बहुत ही अपने से मन मिटाव हुआ और बात बिगड़ गई है...उदास हो..निराश भी..लेकिन विश्वास का दामन पकडे हुए हो...जो बहुत अच्छी बात है..
    वैसे दुनिया में प्रेम के रिश्ते बनते और बिगड़ जाते हैं..उस समय यही लगता है की दुनिया का अंत आ गया है..अब कुछ भी बाकी नहीं रहा...लेकिन ऐसा होता नहीं है..सब कुछ समेत कर फिर उठाना पड़ता है और आगे बढ़ना पड़ता है...
    तुम्हें एक पते की बात बताती हूँ...इसे हमेशा याद रखना...तुम्हारा प्यार अगर तुम्हें छोड़ कर जाना चाहता है तो जाने दो....आगरा वो लौट कर आये तो तो तुम्हारा है....वर्ना भूल जाओ..
    अब तुम खुश हो जाओ...मुस्कुराओ....और ठहाके लगाओ...आगे खुशियाँ तुम्हारा इंतज़ार कर रहीं हैं..
    याद रखना हम लोग सब तुम्हें बहुत प्यार करते हैं...
    दीदी...

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  14. " bhai mithilesh,arey ye sab hota raheta hai ....aadarniy DINESHRAI JI ne bilkul sahi kaha hai mere bhai ....maraz mat hota ...jindgi khul ke jiyo mere bhai ."


    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

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  15. बिलकुल , मिथलेश भाई अगर अपना दिल सच्चा हो तो हमेशा यही सोच रखनी चाहिए कि " मैंने जो किया सही किया " हां, इतना अवश्य है कि एक शिक्षित होने के नाते हम कोई गलत न करे , बाकी दुनिया गई भाड़ में !

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  16. मुक्ति की राह पर अदा के साथ रहिये -मस्त रहिये !

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  17. अभी तो ना जाने कितना लम्बा रास्ता तय करना है और ऐसे कितने ही अनुभवों से दो चार होंगे आप...जो आपको और परिपक्व बनाएगी...बस सच्चाई के रास्ते पर उम्मीद का दामन थामे चलते रहो....सब मनचाहा अपने आप करीब आता जाएगा.

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  18. प्रिय मिथिलेश , यार तुम्हारे वाली स्थिति और मनोदशा से कभी न कभी गुजरे ही होंगे इसलिए बिल्कुल भी निराश होने की जरूरत नहीं है , अपने तेवर में रहो , स्वाभाविक लगते हो
    अजय कुमार झा

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  19. लगे रहो सही जा रहे हो

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  20. अरे बेटा ये किस कशमकश मे उलझ गये हो? अभी तो ज़िन्दगी का सफर शुरु भी नही हुया। देवेदी जी सही कह रहे हैं सच के साथ चलो और अन्तरात्मा की आवाज़ सुनो बस मंजिल निकट होती चली जायेगी। सच्चा प्यार दूर क्या और पास क्या -- बस रहना चाहिये। बहुत बहुत आशीर्वाद

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  21. वैसे तो इस दुनिया में हर कोई अकेला है ...... पर फिर भी जो बात दिल से निकले उसी को सच मानना चाहिए ...... उसी का साथ देना चाहिए ....... देर सवेर सब साथ देते हैं सच्चाई का .........

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  22. बहुत सुन्दर प्रस्तुति....आप को गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें.....

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