Saturday, January 15, 2011

याद आते हैं वे लम्हे------------- मिथिलेश


याद आते हैं वे लम्हे
धीरे-धीरे पास आना तुम्हारा
हौले से कुछ कह जाना
कुछ दूर साथ चलना
कदम से कदम मिलाना
हया भरी आखों से
मुझको निहारना
फासले घटाना दर्मियां
मेरी आखों में
न जाने क्या तलाशना
और अचानक से दूर छिटक जाना
याद आते हैं वे लम्हे।।

हर बार न चाहते हुए भी
जाने के बहाने ढुढंना
जल्द ही मिलने का वादा करना
और अचानक से रास्ते
बदल लेना
मैं ठगा सा रह जाता
उस मोड़ पर
कदम जैसे कैद से हो जाते
कुछ पल की खुशियां जैसे
मायूसी के चादर तले ढक जाते
तुम्हारे मुड़ने का इन्तजार करना
उस हसीन एहसास को सहेजना
और
दूर कहीं ओझल हो जाना तुम्हारा
याद आते हैं वे लम्हे

21 comments:

  1. sachmuch kuchh pal aksar yaad aate hain....

    bahut sundar mithilesh

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  2. बहुत ही सुंदर रचना.....बधाई...

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  3. तुम्हारी कमी खलती है मिथिलेश ...आशा है अब बने रहोगे !

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  4. सहज अभिव्यक्ति,अच्छी रचना

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  5. यादों में ही बसा है उनके आने जाने का क्रम।

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  6. प्रिय मिथिलेश जी ,
    मेरा ख्याल है कि 'याद आते हैं' की जगह 'याद आता है' का प्रयोग बेहतर होता !

    और अगर 'याद आते हैं' ही लिखना है तो 'वो लम्हे' अथवा 'वो क्षण' या 'वो दिन' जोड़ दीजिये !

    कविता का ख्याल बेहद रोमांटिक है पर अंत विछोह और निराशा पे क्यों ?

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  7. yad aate hai vo lamhe
    sunder racha
    khubsurat khayal
    ...
    kabhi yaha bhi aaye
    www.deepti09sharma.blogspot.com

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  8. तभी तो कहूँ कि माँ को क्यों याद नही करते। बहुत सुन्दर रचना है। बधाई और आशीर्वाद।

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  9. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (17/1/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

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  10. mithilesh ji
    bahut hi haseen khayaal, samet kar rakhiyega varna ek pal ki deri ki aur vo rasta badal gay.
    bahut hi badhiya prastuti.
    poonam

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  11. बहुत अच्छी लगी आपकी रूमानी रचना.

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  12. बहुत सुन्दर रचना है। बधाई

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  13. सुन्दर रचना, बधाई
    ऐसे ही न जाने कितने लम्हे होते हैं सिर्फ याद आने के लिए ही

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  14. अत्यन्त भावपूर्ण रचना ।

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  15. बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति..

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  16. jiyo mere yuva-turk.........bahut achhi prastooti.

    subhkamnayen.

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  17. वाह ... प्रेम की गहरी अनुभूति लिए है आपकी रचना ...

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  18. कई रंगों को समेटे एक खूबसूरत भाव दर्शाती बढ़िया कविता...बधाई

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  19. बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति| बधाई|

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  20. सुन्दर सुकोमल अभिव्यक्ति -
    अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आयेगा कोई जाएगा
    जिसने तुझको भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो
    (बशीर बद्र )

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