Sunday, March 23, 2014

वीर जवानों को नमन

लगभग एक साल बाद पुनः ब्लोगिंग की ओर लौट रहा हूँ। ब्लोगिंग से दूर रहने का जो प्रमुख कारण रहा वो जीवन में अस्थिरता की वजह से उत्पन्न हुआ।  अब जब वापसी की कोशिश में लगा हूँ तो भरसक प्रयास करूंगा की इस बार निरंतरता बनी रहे।   आज शहीद दिवस के अवसर वीर जवानों को समर्पित एक कविता से शुरुआत करता हूँ।  उम्मीद करता हूँ कि पहले की तरह इस बार चाहने वालों का साथ और प्यार बना रहेगा

कपकपाती ठण्ड में
जो कभी ठहरा नहीं
चिलचिलाती धूप में
जो कभी थमा नहीं

गोलियों की बौछार में
जो कभी डरा नहीं
बारूदी धमाकों से
जो कभी दहला नहीं

अनगिनत लाशों में
जो कभी सहमा नहीं
फर्ज के सामने
जो कभी डिगा नहीं

आंसुओं के सैलाब से
जो कभी पिघला नहीं
देश के आन ,मान ,शान में
मिटने से जो कभी पीछे हटा नहीं

ऐसे वीर जवानों को
शत -शत नमन ।।

10 comments:

  1. अमर शहीदों को शत शत नमन.

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  2. काफी दिन बाद आपको पढ़ रह हु कबिता अच्छी है अपने मन कि बात इस माध्यम से कही जा सकती है.

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  3. नमन ऐसे जांबाजों को .......

    बेहतर है वापसी..........शुभकामनाएँ

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  4. स्वागत शुभकामनाओं सहित सुंदर रचना नमन शहीदों को ।

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  5. आपका स्‍वागत है। वीर जवानों को नमन।

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  6. स्वागत है आपका ... वीरों के नमन से शुरुआत की है आपने ... मेरा भी नमन है कोटि कोटि वंदन ...

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  7. आंसुओं के सैलाब से
    जो कभी पिघला नहीं
    देश के आन ,मान ,शान में
    मिटने से जो कभी पीछे हटा नहीं

    ऐसे वीर जवानों को
    शत -शत नमन ।।

    बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना ....वीरों को नमन....

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  8. आंसुओं के सैलाब से
    जो कभी पिघला नहीं
    देश के आन ,मान ,शान में
    मिटने से जो कभी पीछे हटा नहीं

    .....ऐसे वीर जवानों को
    शत -शत नमन !!!

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  9. बहुत सुन्दर...शहीदों को शत शत नमन...

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